Saturday, 11 January 2014

कभी कभी मेरे दिल में (2)

2.

कभी कभी मेरे दिल में, खयाल आता है,
के मिल ज़ाए वोह अभ्र, जो लापता था सदियोंसे
उसी मुरझाए मोड पर जहाँ खुदा से नाता तोड दिया था मैने...

दे दे इन आखों में जीने की नमी,
कुछ गर्म सांसे,
कोई उडनेकी तमन्ना...
बतलादे जरा.. नही होता भगवान,
पर खोई हूई चीजे दिलाती है जिंदगी....

कभी कभी मेरे दिल में....

-बागेश्री

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